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सामान्य ज्वर/बुखार क्या है लक्षण,उपचार fever its symptoms and home remedies

लक्षण -


ज्वार या बुखार चिकित्सा की दृष्टि से कोई बीमारी नहीं है बल्कि शरीर में चल रही किसी बीमारी या  गड़बड़ी का लक्षण है इसलिए इसके होने का कोई एक निश्चित कारण नहीं होता ।शरीर में कहीं गंभीर फोड़ा हो जाय,मौसम अगर बदल रहा हो तो ज्वर हो सकता है  ।इसके अलावा कई अन्य बीमारियों यथा आंत्र शोथ ,यक्ष्मा के कारण भी ज्वर हो सकता है ।
शरीर का तापमान बढ़ जाना ,शरीर में आलस्य ,जम्भाई , मांशपेशियों में जकड़न ,खांसी,प्यास,कमजोरी आदि ज्वर के लक्षण है।

उपचार -


  1. अशगंध चूर्ण 5 ग्राम तथा गिलोय चूर्ण 5 ग्राम दोनों को एक साथ मिलाकर गर्म पानी से केवल शाम में एक बार दो चार दिन तक सेवन करें।
  2. दारू हल्दी 50ग्राम को कूटकर दरदरा बना ले ।इसे आधा लीटर पानी में उबालें ।जब पानी आधा रह जाए तो उसे उतारकर छान ले 25ml मात्रा दिन में चार बार लें ।कपड़ा ओढ़कर सो जाएं,थोड़ी देर में पसीना आने से बुखार उतर जाएगा ।
  3. एक चम्मच त्रिफला चूर्ण और आधा चम्मच पीपली का चूर्ण मिलाकर शहद के साथ चांटे।
  4. पुदीने को पानी में उबालकर थोड़ी सी चीनी मिलाकर गर्म चाय की तरह चूसक कर पिए ज्वर खत्म हो जाएगा और शरीर में होने वाली निर्बलता भी दूर हो जाएगी ।
  5. 100 ग्राम गाजर का रस ,200 ग्राम चुकंदर का रस ,150ग्राम ककड़ी का रस ,तीनों को एक साथ मिलाकर पीने से बुखार खत्म हो जाएगा।
  6. नमक और कालीमिर्च नींबू पर छिड़क कर चूसे।इससे बुखार उतर जाएगा।
  7. एक चम्मच सोंठ का चूर्ण भूना हुआ थोड़ा सा गुड़ तथा एक चुटकी भर आजवायान तीनों को एक साथ खाकर ऊपर से गर्म दूध पीकर चादर ओढ़कर सो जाए।प्रत्येक 4-4 घंटे पर यह दवा खाएं ।बुखार उतर जाएगा।साथ ही खांसी भी ठीक हो जाएगी।
  8. अनार का छिलका तथा पीपली दोनों का चूर्ण 20-20 ग्राम दाल चीनी ।छोटी इलायची तथा तेजपत्ता 5-5 ग्राम और गुड़ 10 ग्राम इन सभी को महीन पीसकर 5 ग्राम चूर्ण दिन में दो बार गर्म पानी के साथ सेवन करने से बुखार तथा खांसी में आराम मिलता है ।
  9. नींबू का रस 25ग्राम तथा चिरायता का रस 25ग्राम दोनों को मिलाकर पीने से बुखार ठीक हो जाता है ।
  10. कच्चे बेल के गुदे का चूर्ण एक एक चम्मच सुबह शाम लेने से ज्वर में लभहोता है।
  11. आधा चम्मच पिसा अदरक,पुदीने के 25 पत्ते दो कप पानी में इतना उबालें कि पानी आधा रह जाए।इसे छानकर गुनगुना पिए।
  12. अजवाइन 15 ग्राम प्रातः समय मिट्टी के नए बर्तन में एक कप पानी मी भिगो दें।दिन के समय कमरे में तथा रात में खुले आकाश के नीचे रख दे ।दूसरे दिन प्रातः छानकर पीएं।इस प्रकार 10-12 दिन तक सेवन करे बुखार जड़ से खत्म हो जाएगा। बुखार ठीक हो जाने के बाद भी कुछ दिनों तक इस योग को लेने से बुखार से आयि कमजोरी तथा भूख का ना लगाना भी ठीक हो जाता है ।


नस्य उपाय -


  • एक वर्ष पुराने देशी घी में हींग मिलाकर सूंघे ।


लेप उपचार -


  • गोमूत्र में सेंधा नमक मिलाकर तलवों में मालिश करें।

दावा रहित उपचार  -


  • रोगी को सीधा लिटाकर उसके पेडू पर तांबे का एक गहरा बर्तन रख दें।उसी बर्तन में ठंडे पानी की मोटी धार गिराने से ज्वर में आराम मिलता है ।
  • तेज बुखार के समय माथे पर ठंडे पानी की पट्टी रखकर बार बार बदलते रहें।

सावधानी और बचाव -


  • मौसमी के रस में नमक मिलाकर पिलाते रहें।
  • सूखा एवं महीन सूती कपड़ा लेकर तलवों को सहलाएं।
  • कब्ज ना रहने दें।
  • कपड़ा भिगो कर निचोड़ ले ।इसी कपड़े से रोगी के शरीर को प्रतिदिन रगड़कर साफ रखे।
  • हल्का एवं सुपाच्च भोजन दें।

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