पीलिया (jaundice) रोगी के लिए 10 घरेलू एवं आसान उपचार
छार, अम्ल,लवण आदि के सेवन ,दिन में सोने से , अति व्यायाम और मैथुन चिंता ,भय,क्रोध,आदि मानसिक विकारों के कारण यह रोग उत्पन्न हो सकता है। कुछ गर्भवती स्त्रियां मिट्टी खाती हैं-इससे भी peeliya रोग होता है।
आंख, पूरा शरीर ,नाखून और मूत्र पीला हो जाता है। स्वाद कड़वा, भूख कम लगना, आलस्य,अनिद्रा आदि लक्षण मिलते है।
Jaundice treatment घरेलू उपचार -
- गाय के दूध में गोमूत्र मिलाकर 15 दिनों तक पीने से peeliya में राहत मिलती है।
- त्रिफला के रस में गोमूत्र मिलाकर सेवन करें।
- छाया में सुखाएं गए अनार के पत्तों का चूर्ण 6 ग्राम तथा मक्खन मिलाकर सेवन करें।
- पिसी हल्दी 6 ग्राम को मट्ठा में मिलाकर 10 से 12 दिनों तक सेवन करें।
- गन्ने का रस एक गिलास लें। उसमें आधा नींबू का रस निचोड़ कर सुबह-शाम पिएं।
- बतासे में कच्चे पपीते का 10 ग्राम रस मिलाकर सेवन करें।
- 5 तोला मूली के पत्ते का अर्क निचोड़ कर एक तोला मिश्री मिला लें। इसे बासी मुंह पिएं।
- 6 बादाम, तीन छोटी इलायची एवं दो छुहारा इन तीनों को मिट्टी के छोटे नए बर्तन में भिगो लें।प्रातः 50 ग्राम मिश्री व 50 ग्राम मक्खन मिलाकर इसका प्रयोग करें।
- तीन भाग आंवले का रस तथा एक भाग सहित मिलाकर पीने से कुछ दिनों में peeliya दूर हो जाता है।
- सोंठ और गुड़ को बराबर मात्रा में मिलाकर नित्य सेवन करना भी इस रोग में फायदेमंद होता है।
- शहद में नीम का रस मिलाकर सेवन करने से भी jaundice (peeliya) रोग ठीक हो जाता है।
- 15 ग्राम मिश्री के साथ लगभग 60 ग्राम मूली के पत्तों का रस रोज सुबह बिना कुछ खाए सेवन करें।
- जो और नारियल के पानी का भी नियमित सेवन peeliya रोग में फायदेमंद होता है।
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jaundice me सावधानियां एवं बचाव -
- बिना हल्दी के भोजन करें।
- भोजन में छाछ यानी मट्ठे का सेवन अधिक से अधिक करें।
- प्रतिदिन सुबह ताजी और खुली हवा में शैर करें।
- तैलीय मसालेदार आदि गरिष्ठ पदार्थों का सेवन कदापि ना करें।
- अधिक परिश्रम से बचें अर्थात अधिक परिश्रम ना करें।
- अधिक से अधिक आराम करने की कोशिश करें।
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