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                       Cricks in body शरीर में  मोच आना

चोट आदि के कारण हाथ, पैर या शरीर के किसी  अंग में cricks आ जाती है।इसमें cricks वाली जगह में सूजन आ जाती है तथा pain बहुत होता है।

Home treatment for cricks  मोच के लिए घरेलू उपचार


  1. तिल को पानी के साथ पीसकर गर्म कर पुल्टिस बना ले। इसे cricks(मोच )वाले स्थान पर लगाने से pain दूर हो जाता है।
  2. एक गिलास पानी में दो चम्मच जीरा डालकर गर्म कर लें। इसी पानी से cricks वाली जगह की सिकाई करें। तुरंत आराम मिलेगा।
  3. हल्दी और चूना संभाग पीसकर इसमें थोड़ा सा पानी मिला दे। इस मिश्रण को पीड़ित स्थान पर लगा दें। कुछ देर के बाद आराम होने लगेगा। साथ ही अगर 1 ग्राम हल्दी थोड़े से दूध में घोलकर पी जाएं। तो प्रभाव और बढ़ जाता है।
  4. गेहूं के आटे में हल्दी मिलाकर एक रोटी बना ले। रोटी थोड़ी मोटी रहे तो अच्छा रहेगा। इस रोटी को तवे पर थोड़ा सा सेट कर ऊपर से सरसों तेल थोड़ी सी मात्रा में रोटी पर लगा दें। इस गरम रोटी को प्रभावित स्थान पर बांध दें। cricks में चमत्कारिक रूप से फायदा करता है। इससे दर्द एवं सूजन दोनों दूर हो जाते हैं। रोटी जब एकदम ठंडी हो जाए तो पुनः दूसरी रोटी बांध देनी चाहिए।
  5. देसी घी और कपूर बराबर मात्रा में मिलाकर cricks वाले स्थान पर बांधे।
  6. ढाक के गोंद को पानी में घोलकर लेप करने से चोट एवं cricks की सूजन दूर होकर दर्द से आराम मिलता है।
  7. तेजपात को पीसकर मोच वाले स्थान पर लेप करें बहुत ही कारगर औषधि है।
  8. शहद,चूना और प्याज तीनों को एक साथ पीसकर हल्का गर्म कर लें। मोच वाली जगह पर इसका लेप लगाने से आराम मिलता है।
  9. 1 लीटर गर्म पानी में 250 ग्राम साबुन के टुकड़े घोल लें । इस घोल में 500 मिलीलीटर तारपीन का तेल मिला ले। मिश्रण तैयार हो गया। इसे आप साफ सुथरी शीशी में भरकर रख दें। चोट या मोच वाले स्थान पर रूई के फाहे से लगाएं। तुरंत फायदा पहुंचता है हां अगर त्वचा कट गई हो तो इस मिश्रण का उपयोग हरगिज ना करें।
  10. अनार के पत्ते पीसकर मोच वाली जगह पर बांध दें। Pain धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा।

दवा रहित उपचार-


  • नरम एवं हल्के  सूती कपड़े की मोटी तह बना कर, मोच वाले स्थान पर अच्छी तरह लपेट दें। धीरे-धीरे ही सारा दर्द एवं सूजन दोनों खत्म हो जाएंगे।
  • गर्म पानी में नमक डालकर प्रभावित जगह की सिकाई करें।


Precautions in cricks मोच में  सावधानी एवं बचाव -


  • चलने फिरने में जल्दबाजी ना दिखाएं। प्रभावित जगह पर धीरे-धीरे पाव दें 
  • प्रभावित जगह को ज्यादा हिलाए डुलाएं नहीं ।
  • बादी चीजों का सेवन ना करें।
  • किसी अनाड़ी आदमी से मालिश कराने की कोशिश ना करें।


                       
                     Lesion in body    शरीर में घाव  

शरीर के किसी अंग के कट जाने से वहां से blood निकलने लगता है। कटे स्थान में pain  होता है।बहुत अधिक कट जाने पर शरीर से खून निकलने की मात्रा बहुत अधिक हो जाती है जो कभी-कभी खतरनाक और जानलेवा हो जाती है।

  घाव के लिए घरेलू उपचार home treatment for lesion-


  1. अरहर की ताजी पत्तियों को बिना पानी मिलाए पीसकर कटे स्थान पर लेप कर दें। रक्त का बहना बंद हो जाएगा तथा घाव भी भर जाता है।
  2. लकड़ी के कोयले को महीन पीसकर छान लें इससे ताजे कटे स्थान पर छिड़कने से खून का बहना बंद हो जाता है।
  3. कटे स्थान पर मिट्टी के तेल में भिगोया गया कपड़ा रख दें रक्त का बहना बंद हो जाएगा।।
  4. रोली छिड़कने से भी  रक्त का बहना बंद हो जाता है।
  5. Lesion  हुए स्थान पर आंवले का रस लगाने से रक्त स्राव बंद हो जाता है।
  6. केले का डंठल लेकर मसलकर रस निकाल लें।इसे कटे हुए स्थान पर लगाने से रक्त स्राव तो बंद होगा ही lesion(घाव) पकता भी नहीं है।
  7. कटे हुए स्थान पर गुलाब के फूलों का सूखा चूर्ण छिड़क दें। रक्त स्राव तुरंत बंद हो कर घाव भी शीघ्रता से भरने लगता है।
  8. अगर चोट लग गई हो और खून बह रहा हो तो थोड़ी सी दूब को पीसकर पट्टी बांधे रक्त स्राव बंद हो जाएगा।
  9. हल्दी एक अनोखी तथा बहू गुणकारी औषधि के रूप में प्रयुक्त होती है कटे स्थान पर अगर थोड़ी सी हल्दी का चूर्ण भर दिया जाए तो रक्त स्राव रुक जाता है। इससे घाव पकता नहीं तथा शीघ्रता से भर जाता है।
  10. कटे स्थान पर तारपीन का तेल में कपड़ा भिगोकर पट्टी बांधे दें ।
  11. त्वचा कट गई हो और रक्त का बहना बंद नहीं हो रहा वह तो पीड़ित स्थान पर फिटकरी को पीसकर घाव पर छिड़क दें या फिटकरी को पानी में घोलकर उसी पानी से घाव को छोड़ दें। रक्तस्राव तुरंत बंद हो जाएगा।
  12. प्रभावित जगह पर जामुन की गुठली का चूर्ण छिड़ककर पट्टी बांधे रक्त का बहना बंद हो जाएगा।

दवा रहित उपचार -


  • साफ एवं नरम कपड़े को ताजी एवं स्वच्छ पानी में भिगोकर कटे स्थान पर बांध दें खून का बहना बंद हो जाएगा।

घाव में सावधान एवं बचाव precautions in lesion-


  • कटे स्थान को धूल, धुआं और मक्खियों से बचा कर रखें ।
  • कटे स्थान के रक्त का बहाव नीचे से ऊपर की ओर रखें।
  • जब तक घाव पूरी तरह सूखना जाए उस पीड़ित स्थान पर ज्यादा दबाव न पड़ने दें, अन्यथा खून का गिरना पुनः शुरू हो सकता है।
  • घाव पर अगर पट्टी बंधी हो तो समय अनुसार पट्टी बदल दे। पट्टी बदलते वक्त सावधानी से काम ले।

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