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       Symptoms of pertussis (whooping cough) काली खांसी                    

यह साधारण cough (खांसी) का ही बिगड़ा हुआ रूप है।इसको अंग्रेजी में pertussis भी कहा जाता है। बहुधा यह बच्चों को हो जाता है।ठंड के दिनों में लापरवाही के कारण जुकाम हो जाता है और वही जुकाम बिगड़ कर काली खांसी का रूप ले लेता है।
इसमें  गले तथा फेफड़े में कफ जम जाता है। बार बार खांसी का दौरा पड़ता है। खांसते - खांसते चेहरा नीला पड़ जाता है। खान सनी से आंकड़ों में पीड़ा होने लगती है ।छाती में दर्द, जकड़न, नींद ना आना तथा मुंह से हुप- हुप की आवाज होना आदि लक्षण मिलते हैं।

 Pertussis remedies  घरेलू उपचार -


  1. दो चम्मच सौंफ और दो चम्मच अजवाइन दोनों को दो कप पानी में उबालें जब पानी 1 कप रह जाए तो उसे उतारकर छान लें ।फिर दो - दो चम्मच काढ़े में जरा सा शहद मिलाकर हर दो 2 घंटे पर पिलाएं। बच्चों के लिए अत्यंत लाभकारी है।
  2. 2 ग्राम मुलहठी तथा 2 ग्राम पीपल दोनों का चूर्ण तैयार करके शहद के साथ दो खुराक के रूप में लें।
  3. 15 ग्राम हींग और 15 ग्राम कपूर लेकर 60 -60 मि.ग्रा. की पुड़िया बना ले सुबह-शाम सेवन करने से whooping cough से कुछ दिनों में आराम हो जाता है।
  4. 6 ग्राम अनार का छिलका दूध में उबालकर पिलाएं। pertussis में अद्भुत फायदा मिलेगा।
  5. 10 बूंद लहसुन का रस 3-3 ग्राम सहद व पानी मिलाकर दिन में तीन से चार बार चाटने से pertussis ठीक हो जाती है।
  6. 10 ग्राम अजवाइन, 3 ग्राम नमक पिसा हुआ,दोनों को 40 ग्राम शहद में मिलाकर दिन में तीन से चार बार थोड़ा-थोड़ा चाटने से whooping cough में लाभ होता है।
  7. हर्रे, सोंठ, काली मिर्च तथा लौंग सभी बराबर की मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें। इसमें से 6 ग्राम चूर्ण गुनगुने पानी के साथ सेवन करें।
  8. अनार वृक्ष की छाल को छाया में सुखाकर चूर्ण बना लें। उसमें 2 काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर 4 ग्राम सुबह, 4 ग्राम शाम को शहद के साथ चटाएं। pertussis में तुरंत फायदा होगा।
  9. नौसदरा 125 मिलीग्राम तथा 125 मिलीग्राम छोटी पीपल का चूर्ण शहद के साथ दें।

 Pertussis external treatment   बाह्म उपचार -


  • लहसुन की 25 से 30 कलियों को छीलकर माला बनाकर गले में पहनने से कीटाणु ओं का नाश होकर खांसी से आराम होता है।
  • पुराने देसी घी में थोड़ा सा कपूर मिलाकर बच्चों की छाती पर मले।

दवा रहित उपचार-

  • हल्के गर्म पानी का घूंट घूंट करके सेवन करना फायदेमंद होता है।

आयुर्वेदिक दवा -

कफ ज्यादा बढ़ जाने पर
20 ग्राम त्रिकूटा, 20 से 25 ग्राम सितोपलादि 20 ग्राम श्वासरी रस, 5 ग्राम अभ्रक भस्म 5 ग्राम प्रवाल पिष्टी, 10 ग्राम अमृता सत,2-3 ग्राम स्वर्ण बसंतमालती इन सब को मिलाकर एक 1 ग्राम नाश्ते और शाम के खाने से एक घंटा पहले शहद के साथ चटा देते है ।
नोट - प्रयोग से पहले बैद्यकीय सलाह जरूर लें।

Whooping cough  में  सावधानी एवं बचाव-


  • सर्दी एवं ठंड से बचकर रहें।
  • बदलते मौसम में सावधान रहें।
  • खट्टी चीजों का इस्तेमाल ना करें

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